गुलदार का एक हमला, बालक को उठा ले गया गुलदार, दादा-चाचा ने दौड़ कर छुड़ायाव

गुलदार का एक हमला, बालक को उठा ले गया गुलदार, दादा-चाचा ने दौड़ कर छुड़ायाव

हीमपुर दीपा (बिजनौर)। परिजनों के संग खेत पर गए नौ वर्षीय बालक को गुलदार उठा ले गया। बालक की चीख सुनकर दादा, चाचा और अन्य परिवार वाले गुलदार के पीछे दौड़ पड़े और उसके चंगुल से बालक को छुड़ा लिया। इस हमले में बालक गंभीर रूप से घायल हुआ है। जिसका जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। बालक की गर्दन, सिर और कंधे पर गहरे जख्म बन गए हैं। दो दिन पूर्व ही क्षेत्र के गांव जोगी औंधा से वन विभाग की टीम ने पिंजरा लगाकर मादा गुलदार और उसके दो शावकों को पकड़ा था।

रविवार को क्षेत्र के गांव नाईपुरा में राशिद का परिवार खेत पर गन्ने की छिलाई करने गया। उनके संग राशिद का बेटा यासिर (नौ) भी चल गया। परिवार वाले गन्ना छिलाई करने लगे और यासिर खेत में ही खेलने लगा। इसी दौरान गुलदार ने उस पर हमला कर दिया और यासिर को गन्ने के खेत में खींच ले गया। यासिर की चीख सुनकर उसके दादा किफायत और चाचा समेत अन्य परिजन गुलदार की ओर दौड़ पड़े। शोर करते हुए गुलदार के पीछे दौड़े तो गुलदार कुछ दूर जाकर बालक को छोड़ कर भाग गया।

गुलदार कघ्हमले में बालक घायल हो गया। परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। बताया जा रहा है कि लेकिन गुलदार के हमले में यासिर के गले, सिर और कंधे पर गहरे जख्म हो गए हैं। चिकित्सकों ने अलग अलग जख्मों पर 40 टांके लगाए हैं।
घटना को लेकर क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से पिंजरा लगाकर गुलदार को पकड़ने की मांग की है। बता दें कि गुलदार के हमले का यह पहला मामला नहीं है। इससे करीब दो माह पहले घटनास्थल से लगभग एक किमी दूर थाना क्षेत्र के गांव रेहरा मे गुलदार ने जंगल मे खेलते एक किशोर अलफेज (14) पुत्र शमीम पर हमला कर मौत के घाट उतार दिया था। घटना को लेकर वन विभाग की टीम द्वारा घटनास्थल पर पिंजरा लगा दिया गया था। परंतु गुलदार पकड़ में नहीं आया था। माना जा रहा है कि अब नाईपुरा में बालक पर हमला करने वाला वही गुलदार हो सकता है।

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