पीसीएस अधिकारियों ने हड़ताल वापस ली ,मुख्यमंत्री ने दफ्तर जॉइन करने के लिए दे रखा था 2 बजे का समय

पीसीएस अधिकारियों ने हड़ताल वापस ली ,मुख्यमंत्री ने दफ्तर जॉइन करने के लिए दे रखा था 2 बजे का समय

रिपोर्ट, न्यूज़ इण्डिया टुडे ब्यूरो

पंजाब। PCS ऑफिसर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद तुंरत प्रभाव से बैकफुट पर आते हुए अपनी हड़ताल वापस ले ली है, लेकिन मुख्यमंत्री ने जो दो बजे तक दफ्तर जॉइन करने के आदेश दिए थे उसे नहीं माना है। दो बजे जालंधर में किसी भी PCS अधिकारी ने दफ्तर में दस्तक नहीं दी।

हालांकि इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि सभी अधिकारी आज मुख्यमंत्री से मिलने चंडीगढ़ गए थे। वहां पर मीटिंग में देर हो जाने पर वह आज दफ्तरों में नहीं पहुंच पाए।

बेशक मुख्यमंत्री ने दो बजे तक अधिकारियों कर्मचारियों को दफ्तरों में पहुंचने के बाद काम सुचारु रूप से चलाने के आदेश दिए थे, लेकिन दो बजे ना तो अधिकारी पहंचे और न ही कर्मचारी पहुंचे। डीसी ऑफिस से लेकर एसडीएम और तहसील दफ्तरों में दो बजे के बाद भी सारी सीटें खाली नजर आईं। कोई अधिकारी कर्मचारी नहीं आया। हालांकि डीसी ऑफिस कर्मचारी यूनियन ने कहा है कि कल से सारा काम सुचारु रूप से चलेगा।

PCS ऑफिसर्स एसोसिएशन के अपनी हड़ताल वापस लेने के निर्णय के साथ ही डीसी ऑफिस स्टाफ यूनियन ने भी अपनी सामूहिक छुट्टी की काल को वापस ले लिया है। डीसी ऑफिस स्टाफ यूनियन के सूबा प्रधान तेजिंदर सिंह नंगल ने कहा कि उन्होंने अपना समर्थन PCS ऑफिसर्स एसोसिएशन को दिया था। अब उन्होंने अपनी हड़ताल वापस ले ली है तो उन्होंने भी साथ ही अपनी कॉल को वापस ले लिया है। कल से सारा स्टाफ दफ्तरों में जाएगा।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने हस्ताक्षरों के साथ पत्र जारी कर चेतावनी दी थी कि यदि हड़ताली कर्मचारी दोपहर दो बजे तक दफ्तरों में हाजिर ना हुए तो उन्हें सस्पेंड कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ है और विजिलेंस ने भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई की है। उन्होंने अपने पत्र में साफ लिखा है कि भ्रष्टाचार से किसी भी सूरत में समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने लिखा है कि सरकार राज्य में भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई हैं और इस पर जीरो टॉलरेंस जारी रहेगी।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जो पत्र जारी किया है कि उसमें काफी सख्ती दिखाई है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि सरकार ने भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की तो कुछ अधिकारी इनका साथ देने के लिए उतर आए हैं। उन्होंने कहा कि यह अधिकारी हड़ताल करवा कर सरकार को ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो लोग दोपहर दो बजे तक जॉइन नहीं करेंगे उन्हें सस्पेंड तो किया ही जाएगा साथ ही हड़ताल दिनों को सर्विस ब्रेक माना जाएगा।

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